SkyFlux

वेब ने खोजी वह गैलेक्सी, जहाँ से आया अब तक का सबसे दूर का फ़ास्ट रेडियो बर्स्ट

प्रकाशित · अपडेट:

काली पृष्ठभूमि पर ढेरों छोटी, ज़्यादातर नारंगी गैलेक्सियाँ और लंबी किरणों वाले कुछ चमकीले तारे। नीचे दाईं ओर एक चौखटे का हिस्सा अलग खाने में बड़ा करके दिखाया गया है: उसमें दो मंद नीले धब्बे हैं, और ऊपर वाले धब्बे के ठीक ऊपर सफ़ेद क्रॉस का एक निशान।
FRB 20240304B के आसपास के आकाश की वेब के NIRCam कैमरे से ली गई छवि। अलग खाने में मूल गैलेक्सी बड़ी करके दिखाई गई है: हल्के नीले रंग के मंद गुच्छे यही बौनी गैलेक्सी हैं, और सफ़ेद क्रॉस वह जगह बताता है जहाँ मीरकैट ने प्रस्फोट को पाया। विवर्तन से बनी लंबी किरणों वाले चमकीले तारे हमारी अपनी आकाशगंगा के हैं; बाक़ी लगभग हर बिंदु कोई दूर की गैलेक्सी है।NASA, ESA, CSA, STScI, T. Nanayakkara (USYD). Image Processing: J. DePasquale (STScI) (आकार बदला गया) · CC BY 4.0

4 मार्च 2024 को दक्षिण अफ़्रीका की मीरकैट (MeerKAT) रेडियो दूरबीन ने मिलीसेकंडों तक चली एक रेडियो कौंध दर्ज की। इसी तारीख़ के आधार पर उसे FRB 20240304B नाम दिया गया। यह कौंध किस गैलेक्सी से आई थी, यह केवल जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन ढूँढ़ पाई: एक युवा बौनी गैलेक्सी, जो हमें वैसी दिखती है जैसी वह बिग बैंग के 3 अरब साल बाद थी। फ़ास्ट रेडियो बर्स्ट की जितनी मूल गैलेक्सियाँ अब तक पहचानी गई हैं, उनमें यह सबसे दूर है।

मिलीसेकंडों की कौंध

फ़ास्ट रेडियो बर्स्ट (FRB) रेडियो तरंगों के ऐसे स्पंद हैं जो मिलीसेकंडों तक चलते हैं और दूसरी गैलेक्सियों से हम तक पहुँचते हैं। पहला FRB 2007 में मिला था, पल्सरों की खोज के लिए किए गए एक सर्वेक्षण के पुराने, सहेजे हुए आँकड़ों में। ज़्यादातर FRB केवल एक बार दिखते हैं; कम संख्या में ऐसे भी हैं जो बार-बार चमकते हैं।

हम तक आते हुए हर स्पंद विरल, विद्युत-आवेशित गैस से गुज़रता है। इस गैस में कम आवृत्ति वाली रेडियो तरंगें ऊँची आवृत्ति वाली तरंगों से ज़्यादा पिछड़ जाती हैं। इसी देरी से खगोलविद परिक्षेपण माप (डिस्पर्शन मेज़र) निकालते हैं, यानी पूरे रास्ते में मौजूद मुक्त इलेक्ट्रॉनों की कुल गिनती। FRB 20240304B के लिए इसका मान असामान्य रूप से ऊँचा निकला, जो बहुत दूर के स्रोत की ओर इशारा करता था; लेकिन स्रोत के पास की घनी गैस या रास्ते में पड़ने वाले गैलेक्सी पुंजों की गैस भी इसे बढ़ा सकती है। दूरी का फ़ैसला केवल मूल गैलेक्सी का अभिरक्त विस्थापन (रेडशिफ्ट) ही कर सकता है।

रेडियो से मिली स्थिति से अभिरक्त विस्थापन तक

मीरकैट 64 रेडियो डिश एंटीनाओं का समूह है, जो 8 किलोमीटर के दायरे में फैले हैं। प्रस्फोट 00:50 UTC पर मीरट्रैप (MeerTRAP) की पकड़ में आया, जो क्षणिक संकेत खोजने वाली एक प्रणाली है। पकड़ में आते ही मीरट्रैप ने उस समय काम कर रहे 62 एंटीनाओं के 300 मिलीसेकंड के कच्चे आँकड़े सहेज लिए। इन आँकड़ों से कौंध की स्थिति लगभग आधे चाप सेकंड के भीतर तय हो गई, जो आकाश में पूरे चाँद की चौड़ाई के तीन-हज़ारवें हिस्से से भी कम है।

ज़मीन पर लगी केक और MMT दूरबीनों ने ऐसी छवियाँ लीं जिनमें बहुत मंद पिंड भी दिख सकते थे, पर उस जगह कुछ नहीं दिखा। इसके बाद वेब के NIRCam यंत्र ने प्रस्फोट की स्थिति से लगभग 0.3 चाप सेकंड दूर एक मंद गैलेक्सी खोजी; टीम की गणना के अनुसार यही गैलेक्सी मूल गैलेक्सी है, इसकी संभावना 97.5% है। वेब के NIRSpec स्पेक्ट्रोग्राफ ने उसमें मौजूद हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से आने वाला प्रकाश मापा, जिससे अभिरक्त विस्थापन 2.148 निकला। इसका अर्थ है कि हम तक पहुँचते-पहुँचते गैलेक्सी के दृश्य प्रकाश का तरंगदैर्घ्य खिंचकर मूल का लगभग तीन गुना हो जाता है, और वह प्रकाश अवरक्त में चला जाता है।

दूरी क्यों अहम है: गैलेक्सियों के बीच की गैस का हिसाब

ब्रह्मांड के साधारण पदार्थ का तीन-चौथाई से भी ज़्यादा हिस्सा गैलेक्सियों के बीच और उनके चारों ओर फैली विरल गैस के रूप में है, जो इतनी झीनी है कि दिखाई नहीं देती। किसी प्रस्फोट के परिक्षेपण माप की तुलना उसकी दूरी से करके इस गैस की मात्रा आँकी जा सकती है। 2020 में ज्याँ-पियर मैक्वार्ट की टीम ने मुट्ठी भर प्रस्फोटों से यही किया, और साधारण पदार्थ की जो मात्रा उन्हें मिली, वह प्रारंभिक ब्रह्मांड के मापनों से निकले अनुमान से मेल खाती थी। FRB 20240304B के साथ यह तरीक़ा कहीं ज़्यादा लंबे रास्ते पर आज़माया जा सकता है: उसका संकेत ब्रह्मांड के इतिहास के लगभग 80% हिस्से को पार करके हम तक आया है।

इस संकेत के रास्ते में उतने ही लंबे किसी आम रास्ते से ज़्यादा मुक्त इलेक्ट्रॉन थे। इस अतिरिक्त मात्रा का लगभग आधा हिस्सा टीम ने रास्ते में पड़ने वाली दो संरचनाओं से जोड़ा: लगभग 5.4 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित कन्या गैलेक्सी पुंज, और अभिरक्त विस्थापन 0.31 पर गैलेक्सियों का एक समूह, जिसका पहले किसी को पता नहीं था। हम तक पहुँचते-पहुँचते स्पंद की अवधि भी बहुत खिंच गई थी, शायद ज़्यादातर उसकी अपनी गैलेक्सी की गैस के कारण। टीम का निष्कर्ष है कि इसी तरह खिंचे हुए प्रस्फोटों का एक पूरा वर्ग मौजूदा सर्वेक्षणों की पकड़ से छूट रहा है।

ये प्रस्फोट किससे पैदा होते हैं, यह सवाल अब भी अनसुलझा है

सबसे प्रबल दावेदार दो तरह के स्रोत हैं। माना जाता है कि न्यूट्रॉन तारों के जोड़ों को एक-दूसरे के चक्कर लगाते हुए पास आने और आपस में विलीन होने में अरबों साल लगते हैं, इसलिए ऐसे विलय पुरानी गैलेक्सियों में ज़्यादा होने चाहिए। मैग्नेटार, यानी बेहद प्रबल चुंबकीय क्षेत्र वाला युवा न्यूट्रॉन तारा, तारे बनने के किसी तेज़ दौर के बाद कुछ ही दसियों लाख वर्षों में बन सकता है, इसलिए वह उन गैलेक्सियों में ज़्यादा मिलना चाहिए जो अब भी तारे बना रही हैं। ज्ञात FRB की ज़्यादातर मूल गैलेक्सियाँ बड़ी हैं और तारे बनाती हैं। (स्पष्ट करें: किस तुलना में 'अपेक्षित'? जैसे 'ऐसी गैलेक्सियों के अपेक्षित द्रव्यमान का...'), और वह इतनी तेज़ी से तारे बनाती है कि मौजूदा दर पर वह अपने सारे तारे लगभग 5 करोड़ वर्षों में बना सकती थी: यानी उसके तारे युवा हैं। इसलिए टीम के अनुसार यहाँ विलय की संभावना बहुत कम है। 2020 में हमारी अपनी आकाशगंगा के एक मैग्नेटार, SGR 1935+2154, से ऐसा ही एक रेडियो प्रस्फोट आया था, जो दूसरी गैलेक्सियों से आए सबसे मंद प्रस्फोट से भी लगभग 40 गुना कमज़ोर था।

फिर भी 2022 में बार-बार चमकने वाले एक FRB का स्रोत M81 गैलेक्सी से जुड़े एक गोल तारागुच्छ में मिला। यह बहुत पुराने तारों का एक घना गोला है, जहाँ युवा मैग्नेटार नहीं बनने चाहिए। एक बार चमकने वाले और बार-बार चमकने वाले प्रस्फोटों का कारण एक ही है या नहीं, यह अब भी पता नहीं है।

इनमें से कुछ भी शौक़िया खगोलविदों के उपकरणों से नहीं देखा जा सकता: कौंध मिलीसेकंडों तक ही चली, और मूल गैलेक्सी बहुत ही ज़्यादा मंद है। वह कन्या तारामंडल में, खगोलीय विषुवत रेखा से लगभग 12° उत्तर में है। आकाश का यह हिस्सा सुदूर दक्षिण को छोड़कर दोनों गोलार्धों से दिखता है।

स्रोत और लाइसेंस

  • ईएसए/वेब विज्ञान विज्ञप्ति weic2621 (8 अक्टूबर 2026) — 4 मार्च 2024 को मीरट्रैप/मीरकैट की पकड़, ज़मीनी दूरबीनों की खोज में कुछ न मिलना, NIRCam और NIRSpec, अभिरक्त विस्थापन 2.148, बिग बैंग के 3 अरब साल बाद, अपेक्षा से 1,000 गुना कम द्रव्यमान वाली मूल गैलेक्सी, विलय बनाम मैग्नेटार का तर्क, 5.4 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर कन्या गैलेक्सी पुंज और अभिरक्त विस्थापन 0.3 पर एक पुंज/समूह। पाठ का श्रेय: ESA/Webb। https://esawebb.org/news/weic2621/
  • ईएसए/वेब छवि weic2621a — मुख्य छवि और श्रेय-पंक्ति। लाइसेंस: CC BY 4.0, देखें https://esawebb.org/copyright/ . https://esawebb.org/images/weic2621a/
  • Caleb, Nanayakkara, Stappers और अन्य, Science (8 अक्टूबर 2026), A fast radio burst at redshift 2, three billion years after the Big Bang — अभिरक्त विस्थापन 2.148, कम द्रव्यमान वाली और तारे बनाती मूल गैलेक्सी, ब्रह्मांड के इतिहास के लगभग 80% हिस्से की जाँच, स्पंद का भारी प्रकीर्णन, जिससे पता चलता है कि कई प्रस्फोट पकड़ में नहीं आते। https://doi.org/10.1126/science.adz2675 . ब्योरे (मीरकैट एंटीना-समूह, 62 एंटीनाओं से सहेजे गए 300 ms के आँकड़े, स्थिति की अनिश्चितता 0.28 × 0.48 चाप सेकंड, केक और MMT की छवियों में कुछ न दिखना, 0.3 चाप सेकंड की दूरी, 97.5% संबद्धता, कन्या गैलेक्सी पुंज और z = 0.31 वाला समूह, लगभग 100 मूल गैलेक्सियों के अभिरक्त विस्थापन, ज़्यादातर 0.5 से कम) प्रीप्रिंट से: https://arxiv.org/abs/2508.01648 Science में छपा पाठ सशुल्क है और पूरा नहीं पढ़ा गया; प्रीप्रिंट से लिए गए मान अंतिम संस्करण में थोड़े अलग हो सकते हैं।
  • Lorimer और अन्य, Science 318 (2007), A Bright Millisecond Radio Burst of Extragalactic Origin — पहला फ़ास्ट रेडियो बर्स्ट, जो पल्सर-सर्वेक्षण के सहेजे हुए आँकड़ों में मिला। https://doi.org/10.1126/science.1147532
  • Macquart और अन्य, Nature 581 (2020), A census of baryons in the Universe from localized fast radio bursts — तीन-चौथाई से ज़्यादा बैरियोन (साधारण पदार्थ) विरल गैस में; FRB के परिक्षेपण से निकला बैरियोन घनत्व प्रारंभिक ब्रह्मांड के मानों से मेल खाता है। https://arxiv.org/abs/2005.13161
  • Bochenek और अन्य, Nature 587 (2020), A fast radio burst associated with a Galactic magnetar — 28 अप्रैल 2020 को SGR 1935+2154 से आया रेडियो प्रस्फोट। https://arxiv.org/abs/2005.10828
  • Kirsten और अन्य, Nature 602 (2022), A repeating fast radio burst source in a globular cluster — M81 तंत्र के एक गोल तारागुच्छ में FRB 20200120E, जो युवा मैग्नेटार वाले मॉडलों के लिए चुनौती है। https://arxiv.org/abs/2105.11445

इसे अपने यहाँ के आकाश में देखें

इसे Google Play पर पाएँiOS पर अभी नहीं

और ख़बरें

पास से देखने पर कुछ सफ़ेद बौने तारे हरे, गुलाबी या बैंगनी दिखेंगे: नया अध्ययन

सफ़ेद बौने सूर्य जैसे तारों के घने अवशेष हैं, और हम आम तौर पर उन्हें सफ़ेद या हल्के नीले रंग का मानते हैं। वारविक विश्वविद्यालय के मार्क हॉलैंड्स के नेतृत्व में हुए एक अध्ययन में, जो 15 अक्टूबर 2026 को शोध-पत्रिका RAS Techniques and Instruments में प्रकाशित हुआ, यह गणना की गई है कि अगर कोई प्रेक्षक इतने पास हो कि उसे सफ़ेद बौने का बिंब दिखाई दे, तो वह तारा उसे किस रंग का दिखेगा। ज़्यादातर सफ़ेद बौने सचमुच सफ़ेद हैं: सूर्य के सबसे नज़दीकी 152 सफ़ेद बौनों में से मोटे तौर पर हर तीस में से लगभग एक का रंग तपकर चमकते किसी पिंड के रंग से साफ़ अलग है; ये गिने-चुने तारे गुलाबी या पीले दिखते हैं। ख़ास तौर पर चुने गए कुछ दुर्लभ तारों में टीम को एक ऐसा तारा भी मिला, जो साफ़ तौर पर हरा दिखेगा।

MACS J0454.1-0300: वेब की छवि में सुनहरा गैलेक्सी पुंज और उसके गुरुत्वाकर्षण से बने चाप

सितंबर 2026 के लिए चुनी गई वेब की “महीने की तस्वीर” में MACS J0454.1-0300 दिखता है, जो कालपुरुष तारामंडल में स्थित एक गैलेक्सी पुंज है। इसका गुरुत्वाकर्षण अपने पीछे कहीं ज़्यादा दूर स्थित गैलेक्सियों के प्रकाश को मोड़कर उनकी छवियों को बड़ा कर देता है, और उन गैलेक्सियों के भीतर के छोटे चमकीले धब्बे कुछ मामलों में 300 गुना से भी ज़्यादा आवर्धित दिखते हैं।

अल्मा का 13वाँ अवलोकन चक्र शुरू: समय की रिकॉर्ड माँग और नए बैंड 2 अभिग्राही

चिली की अल्मा (ALMA) वेधशाला ने 1 अक्टूबर 2026 को अपना तेरहवाँ अवलोकन चक्र शुरू किया, और इस बार समय की माँग ने रिकॉर्ड तोड़ दिया: खगोलविदों ने उसके मुख्य, 12-मीटर ऐरे पर जितना समय उपलब्ध था, उसका लगभग नौ गुना माँगा। इसी चक्र से बैंड 2 नाम के नए अभिग्राही (रिसीवर) भी पहली बार सामान्य अवलोकनों के लिए उपलब्ध हो गए।

SR-1 फ़्रीडम: परमाणु रिएक्टर से चलने वाला नासा का यान मंगल ग्रह तक तीन हेलीकॉप्टर ले जाएगा

नासा SR-1 फ़्रीडम नाम का अंतरिक्ष यान बना रहा है, जो पृथ्वी की कक्षा से बाहर परमाणु विखंडन रिएक्टर चलाने वाला पहला यान होगा। इसका प्रमोचन 2028 के आख़िर में प्रस्तावित है, और यह अपने साथ स्काईफ़ॉल ले जाएगा: मंगल ग्रह के लिए तीन हेलीकॉप्टर, जिन्हें इन्जेनुइटी के आधार पर विकसित किया गया है।