तारों की जन्मस्थली NGC 7129: वेब की छवि में युवा तारों के जेट और बहिर्वाह
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जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन ने लगभग 3,300 प्रकाश वर्ष दूर वृषपर्वा (सेफियस) तारामंडल में तारों की जन्मस्थली NGC 7129 की छवि ली है। इसमें विकास के अलग-अलग चरणों में पहुँचे युवा तारे साथ-साथ दिखते हैं, और उनके बगल में सबसे नए तारों के बिखरे-बिखरे लाल बहिर्वाह भी।
एक ही छवि में विकास के अलग-अलग चरणों वाले युवा तारे
बीच का चमकीला तारा LkHα 234 एक युवा तारा है, जिसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का लगभग पाँच से आठ गुना है। यह अपना ज़्यादातर द्रव्यमान जुटा चुका है और अब अपने ही गुरुत्वाकर्षण से सिकुड़ रहा है। सिकुड़ने के साथ यह गर्म होता जाता है, और ऐसा तब तक चलेगा जब तक इसके भीतर सूर्य की तरह हाइड्रोजन का संलयन शुरू नहीं हो जाता। अधिक द्रव्यमान वाले तारे तेज़ी से विकसित होते हैं, इसलिए इस युवा तारागुच्छ का सबसे अधिक द्रव्यमान वाला तारा LkHα 234 विकास में भी सबसे आगे है।
इस तारे के बाईं ओर लगभग 3.5 प्रकाश वर्ष चौड़ा एक सुनहरा कोटर है। आणविक बादल में यह कोटर उन बहिर्वाहों ने खोदा था जो तारे से उसके विकास के पहले के एक चरण में निकले थे। जहाँ तारों से गर्म हुई गैस ठंडे बादल पर दबाव डालती है, वहाँ कोटर के ऊपरी किनारे पर एक तीखा उभार बन जाता है। इस सीमा-पट्टी को प्रकाश-वियोजन क्षेत्र कहा जाता है: यहाँ तारों का प्रकाश हाइड्रोजन के अणुओं को तोड़कर परमाणुओं में बदल देता है, और इस तरह दसियों लाख वर्षों में बादल धीरे-धीरे छीजता जाता है।
दाईं ओर गुच्छों में बँटी गैस है, जो बहिर्वाहों के कारण लाल चमकती है, और उसके भीतर प्राक्तारे छिपे हैं। प्राक्तारे ऐसे तारे हैं जो विकास के और भी पहले के चरण में हैं और अभी द्रव्यमान जुटा रहे हैं। ऊपर बाईं ओर एक नीली नीहारिका के बीचोबीच एक और प्राक्तारा है, जिसकी डोनट के आकार की डिस्क आसपास की गैस पर छाया डालती है।
जेट, प्रघात तरंगें और हर्बिग–हारो वस्तुएँ
युवा तारे पदार्थ को अपने भीतर समेटते ही नहीं, उसका कुछ हिस्सा बाहर भी फेंकते हैं — गैस की संकरी धाराओं, यानी जेटों, और ज़्यादा चौड़े बहिर्वाहों के रूप में। जब यह तेज़ गैस धीमे चलते बादल से टकराती है, तो प्रघात तरंगें (शॉक वेव) बनती हैं और गैस चमकने लगती है। नवजात तारों के आसपास के ऐसे चमकते क्षेत्रों को हर्बिग–हारो वस्तुएँ कहते हैं। वेब की छवि में खुरदरी बनावट वाले लाल धब्बे कई प्राक्तारों के बहिर्वाह हैं, जो हमारी दृष्टि-रेखा में एक के पीछे एक पड़ने से एक-दूसरे पर चढ़े हुए दिखते हैं।
वृषपर्वा तारामंडल में तारों के बनने पर 2008 के एक समीक्षा-लेख में NGC 7129 के भीतर और उसके आसपास दो दर्जन से ज़्यादा हर्बिग–हारो वस्तुएँ गिनाई गई हैं, जिनमें से कई LkHα 234 वाले क्षेत्र से जोड़ी गई हैं। 1990 में वहाँ दृश्य प्रकाश में दिखने वाला एक जेट मिला था, जो दक्षिण-पश्चिम की ओर, कोटर के भीतर जाता है। बाद के अवलोकनों में LkHα 234 से कुछ ही चाप सेकंड की दूरी पर बादल के भीतर छिपे कई युवा पिंड मिले। उनमें से एक पदार्थ का ऐसा गुच्छा है जो केवल मिलीमीटर तरंगदैर्घ्य पर दिखता है, और संभवतः वही इस क्षेत्र के आणविक हाइड्रोजन वाले जेट का स्रोत है। समीक्षा के अनुसार, इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला कि ख़ुद चमकीले तारे से दो विपरीत दिशाओं में कोई बहिर्वाह निकलता है। ईएसए/वेब की विज्ञप्ति छवि में अलग-अलग हर्बिग–हारो वस्तुओं को चिह्नित नहीं करती।
वेब की नज़र अवरक्त प्रकाश पर क्यों
तारे ठंडे, घने बादलों के भीतर बनते हैं। इन बादलों की धूल दृश्य प्रकाश को बिखेर देती है और सोख लेती है, इसलिए सबसे नए पिंड दृश्य प्रकाश में देखने वाली दूरबीनों से छिपे रहते हैं। अवरक्त प्रकाश इस धूल के बड़े हिस्से को पार कर जाता है। साथ ही, बहिर्वाहों में प्रघात तरंगों से गर्म हुई गैस, जैसे गर्म आणविक हाइड्रोजन, भी अवरक्त प्रकाश में चमकती है।
यह छवि 1.15 से 4.7 माइक्रोमीटर के बीच के छह NIRCam फ़िल्टरों से ली गई तस्वीरों को मिलाकर बनाई गई है, और हर फ़िल्टर को एक रंग दिया गया है: छोटे तरंगदैर्घ्य वाले फ़िल्टरों को नीला और फ़िरोज़ी; 3.35 माइक्रोमीटर वाले फ़िल्टर को पीला, जो पॉलीसाइक्लिक ऐरोमेटिक हाइड्रोकार्बन (PAH) कहलाने वाले कार्बन-समृद्ध अणुओं के प्रति संवेदनशील है; और सबसे लंबे तरंगदैर्घ्य वाले दो फ़िल्टरों को लाल, जिनमें से एक आणविक हाइड्रोजन की एक स्पेक्ट्रम रेखा पर केंद्रित है। रंग यह बताते हैं कि कौन-सा फ़िल्टर था, यह नहीं कि कौन-सा रासायनिक तत्व है। ईएसए/वेब के वर्णन के अनुसार सुनहरे कोटर को भरने वाली गैस बहुत गर्म परमाणु हाइड्रोजन है, लाल क्षेत्र अपेक्षाकृत ठंडी आणविक गैस के हैं, जिसे बहिर्वाह गर्म कर रहे हैं, और धूसर हिस्से सबसे ठंडी और सबसे घनी गैस हैं, जहाँ अभी तक कोई तारा नहीं बना है।
NGC 7129 आकाश में कहाँ है, और दूरबीन से क्या दिखता है
NGC 7129 वृषपर्वा (सेफियस) तारामंडल में है; इसका विषुवांश 21 घंटे 43 मिनट और दिक्पात +66° 07′ है। लगभग 24° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में यह कभी अस्त नहीं होता, और नई दिल्ली के अक्षांश से यह उत्तरी क्षितिज के ऊपर लगभग 53° की ऊँचाई तक चढ़ता है। अगस्त के मध्य में यह आकाश में सूर्य के ठीक विपरीत ओर होता है, इसलिए तब यह रात के मध्य में सबसे ऊँचा होता है, और अक्टूबर व नवंबर में शाम को। भूमध्यरेखा पर यह क्षितिज से लगभग 24° से ज़्यादा ऊपर नहीं उठता, और लगभग 24° दक्षिणी अक्षांश के दक्षिण में क्षितिज के ऊपर आता ही नहीं: यह उत्तरी गोलार्ध से देखा जाने वाला पिंड है।
एक बड़ी शौक़िया दूरबीन से परावर्ती नीहारिका दिख सकती है, यानी वह धूल जो तारागुच्छ के तारों की रोशनी से चमकती है। सूचियों में इसका कांतिमान लगभग 11.5 और आकार लगभग 7 चाप मिनट दिया गया है। प्रेक्षक स्टीव गॉटलीब ने 44 सेंटीमीटर की दूरबीन से तीन तारों के चारों ओर लगभग 3 × 2 चाप मिनट की एक आभा देखी, जिसकी सतही चमक काफ़ी अधिक थी; इन तारों के कांतिमान 9.5 से 10.5 तक हैं। गॉटलीब ने इसे 33 सेंटीमीटर की दूरबीन से भी देखा; हमने जो स्रोत पढ़े, उनमें इससे छोटे उपकरणों से किए गए प्रेक्षणों का कोई वर्णन नहीं है। रॉबर्ट गेंडलर की दृश्य प्रकाश में ली गई एक तस्वीर, जो 2008 की समीक्षा में छापी गई है, तारागुच्छ, नीहारिका और कई हर्बिग–हारो वस्तुएँ दिखाती है। वेब ने अवरक्त प्रकाश दर्ज किया, जिसे इस छवि में चुने हुए रंगों में दिखाया गया है, इसलिए दूरबीन की नेत्रिका से देखने पर या किसी साधारण तस्वीर में NGC 7129 कभी इस छवि जैसा नहीं दिखेगा।
स्रोत और लाइसेंस
- ईएसए/वेब फ़ोटो विज्ञप्ति weic2620 (6 अक्टूबर 2026), Webb captures commotion from nebula's stellar jets — दूरी लगभग 3,300 प्रकाश वर्ष; केंद्रीय तारा LkHα 234, जो अभी मुख्य अनुक्रम तक नहीं पहुँचा है और जिसका द्रव्यमान सूर्य के 5–8 गुना है; पहले के बहिर्वाहों से बना लगभग 3.5 प्रकाश वर्ष चौड़ा सुनहरा कोटर; धनुषाकार प्रघात; प्रकाश-वियोजन वाला उभार; दाईं ओर प्राक्तारे और लाल बहिर्वाह; प्राक्तारे और डिस्क की छाया वाली नीली नीहारिका; अवरक्त प्रकाश क्यों। https://esawebb.org/news/weic2620/
- ईएसए/वेब छवि weic2620a, NGC 7129 (NIRCam छवि) — मुख्य छवि, श्रेय-पंक्ति, छवि का विवरण (बहुत गर्म परमाणु हाइड्रोजन, अपेक्षाकृत ठंडी आणविक हाइड्रोजन, धूसर सबसे ठंडी गैस), निर्देशांक (विषुवांश 21 घंटे 43 मिनट 04.9 सेकंड, दिक्पात +66° 06′ 45″), दृष्टि क्षेत्र 6.26 × 5.84 चाप मिनट, दिशा, तारामंडल, NIRCam फ़िल्टर 1.15, 1.87 (पाशेन-अल्फ़ा), 2.0, 3.35 (PAH), 4.44 और 4.7 µm (आणविक हाइड्रोजन) और उनके रंग। लाइसेंस: CC BY 4.0, देखें https://esawebb.org/copyright/ . https://esawebb.org/images/weic2620a/
- ईएसए, Webb snaps supersonic outflow of young star (HH 211, 2023) — हर्बिग–हारो वस्तुएँ क्या हैं (वे प्रघात, जहाँ नवजात तारों के जेट और हवाएँ पास की गैस और धूल से टकराती हैं) और अवरक्त प्रकाश बादलों में दबे बहिर्वाहों को क्यों दिखा देता है। https://esa.int/ESA_Multimedia/Images/2023/09/Webb_snaps_supersonic_outflow_of_young_star
- Kun, Kiss और Balog (2008), Star Forming Regions in Cepheus, Handbook of Star Forming Regions, खंड I — NGC 7129 लगभग 1 kpc दूर एक युवा तारागुच्छ के चारों ओर की परावर्ती नीहारिका के रूप में; NGC 7129 की हर्बिग–हारो वस्तुओं की तालिका; Ray और अन्य (1990) का दृश्य-प्रकाश वाला जेट, जो दक्षिण-पश्चिम की ओर कोटर के भीतर जाता है; LkHα 234 के पास दबे स्रोत और जेट का संभावित स्रोत; कम से कम चार लगभग समानांतर बहिर्वाह; रॉबर्ट गेंडलर की दृश्य-प्रकाश वाली तस्वीर, जिसमें कई HH वस्तुएँ दिखती हैं। https://arxiv.org/abs/0809.4761
- CzSky की गहरे आकाश के पिंडों की सूची में NGC 7129 की प्रविष्टि, स्टीव गॉटलीब के प्रेक्षण-नोट्स के साथ — सूची में कांतिमान 11.5 और आकार 7′; गॉटलीब के 13 इंच और 17.5 इंच की दूरबीनों से किए गए प्रेक्षण (कांतिमान 9.5–10.5 वाले तीन तारों के चारों ओर लगभग 3′ × 2′ की नीहारिकीय आभा)। https://www.czsky.eu/deepskyobject/NGC7129/info
- JPL Horizons — अगस्त 2026 से जनवरी 2027 तक सूर्य का आभासी विषुवांश, जिससे यह निकाला गया कि NGC 7129 आकाश में सबसे ऊँचा कब होता है। https://ssd.jpl.nasa.gov/horizons/



