SkyFlux

सफ़ेद बौने तारे के चारों ओर दूसरी पीढ़ी का एक संभावित ग्रह मिला

प्रकाशित · अपडेट:

चित्रण: चमकते किनारे और फीकी पूँछ वाला एक गहरे रंग का गैस दानव ग्रह, और उसके पास एक छोटा, चमकीला सफ़ेद तारा, जो एक पतली चक्रिका से घिरा है; यह चक्रिका लगभग ठीक किनारे से दिखती है। पीछे तारों भरा काला आकाश है, और नीचे दाएँ कोने में “Artist's Concept” लिखा है।
यह कलाकार की कल्पना है, तस्वीर नहीं; यह उस व्याख्या को दिखाती है, जो शोधकर्ता प्रस्तावित करते हैं। दाईं ओर एक गैस दानव ग्रह है, जिसका ज़्यादातर हिस्सा छाया में है। वह बाईं ओर के सफ़ेद बौने तारे HS 0209+0832 की परिक्रमा करता है, जिसके चारों ओर एक पतली, चमकीली चक्रिका है। फीकी पूँछ ग्रह का वायुमंडल है, जिसे सफ़ेद बौने का विकिरण उड़ाकर ले जा रहा है। इस गैस का कुछ हिस्सा तारे पर गिरता है, और वहीं हबल ने उसके रासायनिक निशान दर्ज किए।NASA, ESA, L. Hustak (STScI) (आकार बदला गया) · CC BY 4.0

हबल के 1999 के एक स्पेक्ट्रम की जिन रेखाओं को कोई पहचान नहीं पाया था, वे अब मुख्यतः ताँबे और नायोबियम की निकली हैं। एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं का तर्क है कि सफ़ेद बौना तारा HS 0209+0832 एक दानव ग्रह की गैस निगल रहा है, और वह ग्रह उसी पदार्थ से बना है, जो इस तारे ने मरते समय ख़ुद बाहर फेंका था। अगर इसकी पुष्टि हुई, तो यह किसी सफ़ेद बौने के चारों ओर मिला पहला दूसरी पीढ़ी का ग्रह होगा।

हबल की एक पुरानी अनसुलझी गुत्थी

HS 0209+0832 लगभग 270 प्रकाश वर्ष दूर एक सफ़ेद बौना तारा है। ऐसा तारा सूर्य जैसे किसी तारे का बचा हुआ क्रोड होता है: तारा अपना ईंधन ख़त्म कर चुका होता है और अपनी बाहरी परतें अंतरिक्ष में फेंक चुका होता है, इसलिए भीतर का गर्म क्रोड खुला रह जाता है। यह सफ़ेद बौना युवा है: उसे ठंडा होते हुए लगभग 50 लाख वर्ष ही हुए हैं, और उसकी सतह का तापमान अब भी लगभग 35,800 केल्विन है। उसका गुरुत्वाकर्षण हीलियम और उससे भारी तत्वों को कुछ ही महीनों में सतह के नीचे खींच लेता है, इसलिए सतह पर जो हीलियम और धातुएँ दिखती हैं, वे अब भी बाहर से आ रही होंगी।

हबल ने 10 जनवरी 1999 को इस तारे का पराबैंगनी स्पेक्ट्रम लिया था। सन 2000 के एक अध्ययन में उसमें सात तत्व पहचाने गए, पर लगभग 100 रेखाएँ किसी भी ज्ञात तत्व से मेल नहीं खाईं, और यह रहस्य बना रहा कि तारे के वायुमंडल में मिला बाहरी पदार्थ कहाँ से आता है। वारविक विश्वविद्यालय के जेमी विलियम्स और उनके सहयोगियों ने परमाणु स्पेक्ट्रम रेखाओं की नई सूचियों की मदद से इन आँकड़ों का फिर से विश्लेषण किया, और पाया कि इनमें से ज़्यादातर रेखाएँ ताँबे और नायोबियम की हैं। 2002 में FUSE ने जो स्पेक्ट्रम लिए थे, उनमें भी नायोबियम की वही रेखाएँ दिखती हैं। FUSE नासा का एक पराबैंगनी उपग्रह था, जो अब काम करना बंद कर चुका है।

दूसरी पीढ़ी का ग्रह क्या होता है

पृथ्वी पहली पीढ़ी का ग्रह है: वह गैस और धूल की उस चक्रिका से बनी, जो सूर्य के बनते समय बच गई थी। दूसरी पीढ़ी का ग्रह अपने तारे के जीवन के अंतिम दौर में बनता है, उस पदार्थ से जिसे तारा ख़ुद बाहर फेंक चुका होता है।

अपने अंतिम दानव चरण में (खगोलविद इसे AGB चरण कहते हैं; AGB asymptotic giant branch का संक्षेप है) सूर्य जैसा तारा अपनी बाहरी परतें उड़ा देता है। ऐसे तारों के भीतर परमाणु नाभिक एक-एक करके न्यूट्रॉन पकड़ते हैं, और इस तरह धीरे-धीरे लौह से भारी तत्व बनते हैं; खगोलविद इसे s-प्रक्रिया कहते हैं (s अंग्रेज़ी शब्द slow, यानी धीमा, से आया है)। नायोबियम इसी प्रक्रिया से बनने वाले तत्वों में से एक है। इसलिए AGB तारे के फेंके पदार्थ से बने ग्रह में नायोबियम की ऐसी अधिकता दिखनी चाहिए, जो किसी युवा तारे के आसपास जन्मे ग्रह में कोई भी ज्ञात प्रक्रिया पैदा नहीं करती।

अकेला तारा अगर सभी दिशाओं में एक समान रूप से पदार्थ बाहर फेंकता है, तो उससे ग्रह बनाने लायक चक्रिका बचने की संभावना कम है। इसलिए लेखक मानते हैं कि तारे के पास एक नज़दीकी साथी पिंड था। उनके अनुसार फूलते दानव तारे ने इस साथी को अपने भीतर समा लिया होगा, और साथी ने दानव तारे की बाहरी परतें बाहर फेंकने में मदद की होगी; फेंके गए इस पदार्थ का कुछ हिस्सा बाद में सिमटकर चक्रिका बना सकता था।

प्रमाण

  • बहुत ज़्यादा नायोबियम। नायोबियम और कैल्सियम का अनुपात सूर्य की तुलना में हज़ार गुना से भी ज़्यादा है। FUSE ने 33 और सफ़ेद बौनों के स्पेक्ट्रम भी लिए थे, जिनके वायुमंडल में बाहर से गिरा मलबा मिला है, पर उनमें से किसी में नायोबियम नहीं दिखता।
  • चट्टान नहीं। सफ़ेद बौनों पर गिरने वाला मलबा आमतौर पर सिलिकॉन और लौह से भरपूर होता है। यहाँ सिलिकॉन केवल अंश मात्र में है और लौह का पता ही नहीं चला; निकेल की मात्रा लौह से कम से कम दोगुनी है। इसके उलट पूरी पृथ्वी में लौह की मात्रा निकेल से लगभग बीस गुना है। बाहर से आते हीलियम के साथ मिलाकर देखें, तो यह सब एक दानव ग्रह के वायुमंडल की ओर इशारा करता है।
  • 4.4 दिन की लय। नासा के TESS उपग्रह ने देखा कि तारे की चमक हर 4.4 दिन में 0.12% बढ़ती और घटती है। सफ़ेद बौने आमतौर पर लगभग 30 घंटे में अपनी धुरी पर एक चक्कर लगाते हैं, इसलिए टीम इस धीमी लय को एक ऐसे पिंड से जोड़ती है, जो तारे से 66 लाख किलोमीटर दूर उसकी परिक्रमा करता है। यह दूरी सूर्य से बुध ग्रह की दूरी का नौवाँ हिस्सा है।

क्या अभी अनिश्चित है, और तारा कहाँ खोजें

ग्रह को देखा नहीं गया है और उसका द्रव्यमान अज्ञात है, इसलिए शोधपत्र उसे संभावित ग्रह कहता है। TESS ने ग्रह को कभी तारे के सामने से गुज़रते नहीं देखा, और 4.4 दिन वाला संकेत कमज़ोर है: TESS की चारों प्रेक्षण-अवधियों का अलग-अलग विश्लेषण करने पर केवल दो में वह साफ़ दिखता है। कोई साधारण ग्रह अपने दिन वाले हिस्से से तारे की रोशनी परावर्तित करके, या उसे सोखकर फिर से उत्सर्जित करके, 0.12% का उतार-चढ़ाव तभी पैदा कर सकता था, जब उसका व्यास बृहस्पति ग्रह के व्यास का चार से आठ गुना होता। लेखक दो संभावनाएँ सुझाते हैं: या तो यह एक युवा ग्रह है, जिसका गर्म रात वाला हिस्सा उसके धुँध भरे दिन वाले हिस्से से ज़्यादा चमकता है; या फिर ग्रह से निकलती गैस की धूमकेतु जैसी पूँछ हमारे और तारे के बीच से गुज़रती है, जबकि ग्रह ख़ुद इस तरह नहीं गुज़रता।

रासायनिक संघटन भी पूरी तरह मेल नहीं खाता: मॉडलों के अनुसार AGB तारे नायोबियम के साथ स्ट्रोन्शियम भी बनाते हैं, फिर भी यहाँ स्ट्रोन्शियम का कोई पता नहीं चला।

HS 0209+0832 सीटस तारामंडल में है; उसका विषुवांश 2 घंटे 12 मिनट और दिक्पात +8° 47′ है। वह दोनों गोलार्धों से दिखता है, और अक्टूबर के आख़िर में आधी रात के आसपास आकाश में सबसे ऊँचा होता है। तब नई दिल्ली से वह दक्षिणी आकाश में लगभग 70° की ऊँचाई पर होता है, और केप टाउन से 47° पर। लगभग 13.8 कांतिमान वाला यह तारा केवल दूरबीन और विस्तृत तारा-मानचित्र की मदद से ढूँढा जा सकता है, और तब भी वह बाक़ी तारों की तरह बस एक मंद बिंदु दिखता है। हबल समेत किसी भी दूरबीन ने ग्रह को सीधे नहीं देखा है: यहाँ बताई गई हर बात तारे की रोशनी के विश्लेषण से जानी गई है।

स्रोत और लाइसेंस

  • ईएसए/हबल की विज्ञान विज्ञप्ति heic2613 (5 अक्टूबर 2026), Suspected second-generation planet solves Hubble cold case — “अनसुलझी गुत्थी” वाली प्रस्तुति, हबल का 1999 का प्रेक्षण और लगभग 100 अज्ञात रेखाएँ, जेमी विलियम्स (वारविक विश्वविद्यालय), FUSE से पुष्टि, TESS से मापा गया चमक का उतार-चढ़ाव, वायुमंडल खोता ग्रह। https://esahubble.org/news/heic2613/
  • ईएसए/हबल की छवि heic2613a, HS 0209+0832 System (Artist's Concept) — मुख्य छवि (प्रकार: कलाकृति), छवि का विवरण और श्रेय-पंक्ति NASA, ESA, L. Hustak (STScI)। लाइसेंस: CC BY 4.0, देखें https://esahubble.org/copyright/ . https://esahubble.org/images/heic2613a/
  • Williams, Gänsicke, Stone और अन्य, Nature Astronomy (2026), Discovery of a second-generation planet candidate accreting onto a white dwarf — सफ़ेद बौने के प्राचल (35,800 K, ठंडा होने की अवधि 51 लाख वर्ष, दूरी 82.6 पारसेक), 10 जनवरी 1999 का STIS प्रेक्षण, सन 2000 का अध्ययन, 2002 का FUSE स्पेक्ट्रम, नायोबियम की मात्रा और निकेल-लौह अनुपात, 33 सफ़ेद बौनों से तुलना, AGB तारों की s-प्रक्रिया से उत्पत्ति, साझा बाहरी आवरण और चक्रिका का परिदृश्य, TESS से मिली अवधि (4.399 दिन), आयाम और हर सेक्टर के नतीजे, 0.044 खगोलीय इकाई की कक्षा, संकेत की व्याख्याएँ, स्ट्रोन्शियम का न मिलना। https://doi.org/10.1038/s41550-026-02983-7 (arXiv: https://arxiv.org/abs/2610.07161)
  • SIMBAD खगोलीय डेटाबेस (CDS, स्ट्रासबर्ग), HS 0209+0832 की प्रविष्टि — निर्देशांक (विषुवांश 02 घंटे 12 मिनट 04.9 सेकंड, दिक्पात +08° 46′ 51″, J2000), दूसरा नाम Feige 20, V कांतिमान 13.84। https://simbad.cds.unistra.fr/simbad/sim-id?Ident=HS%200209%2B0832

इसे अपने यहाँ के आकाश में देखें

इसे Google Play पर पाएँiOS पर अभी नहीं

और ख़बरें

पास से देखने पर कुछ सफ़ेद बौने तारे हरे, गुलाबी या बैंगनी दिखेंगे: नया अध्ययन

सफ़ेद बौने सूर्य जैसे तारों के घने अवशेष हैं, और हम आम तौर पर उन्हें सफ़ेद या हल्के नीले रंग का मानते हैं। वारविक विश्वविद्यालय के मार्क हॉलैंड्स के नेतृत्व में हुए एक अध्ययन में, जो 15 अक्टूबर 2026 को शोध-पत्रिका RAS Techniques and Instruments में प्रकाशित हुआ, यह गणना की गई है कि अगर कोई प्रेक्षक इतने पास हो कि उसे सफ़ेद बौने का बिंब दिखाई दे, तो वह तारा उसे किस रंग का दिखेगा। ज़्यादातर सफ़ेद बौने सचमुच सफ़ेद हैं: सूर्य के सबसे नज़दीकी 152 सफ़ेद बौनों में से मोटे तौर पर हर तीस में से लगभग एक का रंग तपकर चमकते किसी पिंड के रंग से साफ़ अलग है; ये गिने-चुने तारे गुलाबी या पीले दिखते हैं। ख़ास तौर पर चुने गए कुछ दुर्लभ तारों में टीम को एक ऐसा तारा भी मिला, जो साफ़ तौर पर हरा दिखेगा।

MACS J0454.1-0300: वेब की छवि में सुनहरा गैलेक्सी पुंज और उसके गुरुत्वाकर्षण से बने चाप

सितंबर 2026 के लिए चुनी गई वेब की “महीने की तस्वीर” में MACS J0454.1-0300 दिखता है, जो कालपुरुष तारामंडल में स्थित एक गैलेक्सी पुंज है। इसका गुरुत्वाकर्षण अपने पीछे कहीं ज़्यादा दूर स्थित गैलेक्सियों के प्रकाश को मोड़कर उनकी छवियों को बड़ा कर देता है, और उन गैलेक्सियों के भीतर के छोटे चमकीले धब्बे कुछ मामलों में 300 गुना से भी ज़्यादा आवर्धित दिखते हैं।

अल्मा का 13वाँ अवलोकन चक्र शुरू: समय की रिकॉर्ड माँग और नए बैंड 2 अभिग्राही

चिली की अल्मा (ALMA) वेधशाला ने 1 अक्टूबर 2026 को अपना तेरहवाँ अवलोकन चक्र शुरू किया, और इस बार समय की माँग ने रिकॉर्ड तोड़ दिया: खगोलविदों ने उसके मुख्य, 12-मीटर ऐरे पर जितना समय उपलब्ध था, उसका लगभग नौ गुना माँगा। इसी चक्र से बैंड 2 नाम के नए अभिग्राही (रिसीवर) भी पहली बार सामान्य अवलोकनों के लिए उपलब्ध हो गए।

SR-1 फ़्रीडम: परमाणु रिएक्टर से चलने वाला नासा का यान मंगल ग्रह तक तीन हेलीकॉप्टर ले जाएगा

नासा SR-1 फ़्रीडम नाम का अंतरिक्ष यान बना रहा है, जो पृथ्वी की कक्षा से बाहर परमाणु विखंडन रिएक्टर चलाने वाला पहला यान होगा। इसका प्रमोचन 2028 के आख़िर में प्रस्तावित है, और यह अपने साथ स्काईफ़ॉल ले जाएगा: मंगल ग्रह के लिए तीन हेलीकॉप्टर, जिन्हें इन्जेनुइटी के आधार पर विकसित किया गया है।